Time Management
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Your Past Time Can Be Your Guru Or Enemy Depends on You


दोस्तों आप सोच रहे होंगे कि भूतकाल और वर्तमान में क्या सम्बन्ध है ? भूतकाल और वर्तमान के बीच वास्तविक जीवन में क्या चलता है ? दरअसल भौतकालिक प्रेरणाओं और वर्तमान समय के कर्मो से मनुष्य के जीवन का अहम् हिस्सा चलता है ,पूरा जीवन नहीं क्योंकि आगे भविष्य और वर्तमान के सन्दर्भ में भी चर्चा  करेंगे।

How Past Can Effect On Your Life ::

जहां तक भूतकाल का सवाल है वह तो गुजर चूका होता है उसे बदला नहीं जा सकता है परन्तु शायद आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भूतकाल भी आपका परम गुरु बन सकता है या परम शत्रु भी बन सकता है |

Past Can Be Best Guru Here is :: 

अब आप सोच रहे होंगे कि भूतकाल तो जा चूका है फिर वह कैसे हमारा गुरु बन सकता है तो चलिए आपका संशय ख़त्म किये देते है।

अभी हम भूतकाल और वर्तमान काल पर चर्चा कर रहे है ,चूँकि भूतकाल को हम जी चुके है इसीलिए उसके अनुभवों को साथ लेकर ,भूतकाल को वर्तमान का परम गुरु बनाकर कैसे जीवन में आगे निकला जा सकता है ,बस अपने अतीत की सीमा तय कीजिये जहां से आपने अपने वास्तविक लक्ष्यों को आकार देना प्रारम्भ किया था |

Make List Of Your Important Past Work  :: 

अब आपको सूची बनानी है जो अतीत में आप करना चाह  रहे थे ,किन्तु किन्ही कारणवश वह पूरे नहीं हो पाए थे ,किन्तु एक बात का ध्यान रखिये आपके अतीत के लक्ष्यों या कार्यों की वजह से आपके वर्तमान पर असर नहीं पड़ना चाहिए इसीलिए कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को ही सूची में शामिल कीजिये या अगर आप जानना चाह रहे होंगे की मेरे अनुसार कितने ऐसे कार्यों की सूची बनानी चाहिए तो में 5 सबसे महत्वपूर्ण कार्यों को ही जगह दूंगा |

अब आपको उन ५ कार्यों में से सबसे महत्वपूर्ण कार्य को वरीयता देना है और उस पर निम्न बिंदुओं पर विचार करना है –

  1. वह कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ ?
  2. क्या कोई कमी रह गयी थी ?
  3. दिशा निर्देशन में कोई कमी  रह गयी थी क्या ?
  4. मेरे द्वारा निरंतरता की कमी थी क्या ?
  5. क्या कोई गलतियाँ हुई थी ?

मुझे विश्वास है अब आप अवश्य उस कार्य में सफल होंगे जो आपके द्वारा भूतकाल में नहीं हो पाया था ,क्योंकि आप जानते हो कि आप वह सब गलतियां अब नहीं करोगे जो पहले आपसे हुई है |

क्योंकि आपको अब अनुभव हो चूका है ,बस आपको वह गलतियां नहीं दुहरानी है जो आपसे आपके अतीत में हुई थी बस आप आराम से अपने लक्ष्य को हासिल कर लोगे |

 

पर एक बात जो अति महत्वपूर्ण है और ध्यान देने वाली है जिस पर आपकी सफलता की धुरी टिकी है  वह यह है की ” अगर आप सोचते हो कि यह तो में पहले भी कर चूका हूँ ,अब आसानी से कर लूंगा या आराम से कर लूंगा क्या जल्दी पड़ी है ? ” नहीं आपको अपनी पूरी लगन और उत्साह के साथ करना है नहीं तो बापिस से वही सब दोहराने के Chance  है !

एक बात हमेशा याद रखिये आप पिछली बार इसी कार्य में असफल हुए थे नहीं तो आप क्यों इसे करते ही क्यों |

अगर आप ऐसे ही अपने अपने अतीत से सबक लेकर अपने वर्तमान के कार्यों का क्रियान्वयन करेंगे तो आपका अतीत ही आपका पथ प्रदर्शन करेगा और आगे बढ़ने में आपकी मदद करेगा | 


Past Can Be Worst Enemy And How To Fight ::

अभी हमने देखा की कैसे हम अपने past को एक अच्छा गुरु या मित्र बनाकर आगे आने वाले समय को अनुकूल बना सकते है ,किन्तु हम क्या करते है ,हम आज भी वही करते है जो गुजर चुकी होती है और ठीक वैसे ही करते है जैसे पहल करते थे।

तो चलिए हम देखते है  आपकी भूतकाल की आदत कैसे आपके वर्तमान को प्रभावित करती है और स्वाभविक है आपके वर्तमान पर असर पड़ना मतलब आपके आने वाले समय पर भी इसकी सम्भावना का प्रबल हो जाना तो,चलिए हम देखते है ,ये कैसे प्रभाव डालती है और इनसे कैसे बचा जा सकता है |

चूँकि हर सिक्के के दो पहलू  होते है इसीलिए हमे नकारात्मक पक्ष पर भी ध्यान देना होगा और वास्तव में देखा जाये तो नकारात्मकता में ही सकारात्मकता  छुपी हुई होती है  उस बस पहचानना पड़ता है यह ठीक वैसे ही है जैसे बादलों में पानी छुपा हुआ होता है |

 

अक्सर मैंने लोगों को ऐसा बोलते हुए सुना है “यार तब नहीं हुआ तो अब क्या होगा ?” यही उनकी सबसे बड़ी भूल रहती है ! शायद उन्होंने हर के कारणों को ठीक से जानने की कोशिश ही नहीं की या TRY AGAIN ! ही नहीं किया होगा ,और बाद में वही लोग आगे चलकर यह बोलते हुए दिख जाते है की उस टाइम पर TRY   करता तो हो जाता !

शायद आपको समझ में आ गया होगा ,कि में क्या बोलना चाहता हूँ ,में यह समझाना चाहता हूँ कि ” भूतकाल की वजह से वर्तमान में कोशिश करना मत छोड़िये ” |

क्योंकि वह समय आप की स्थिति आपके वर्तमान समय से अलग थी या उस समय आपके द्वारा पूरी ताक़त से कोशिश नहीं की गयी हो या कुछ ऐसे कारण जो उस समय आपके और आपकी सफलता में बाधक बने हों |

चलिए इसे एक उदाहरण से समझते है :: 

मान लीजिये A कोई व्यक्ति है जिसने 2014 से लेकर 2015 के बीच 1 वर्ष तक प्रतियोगी  परीक्षा की तैयारी की और उसका चयन नहीं हुआ और फिर वह सोचने लगा की “इतनी मेहनत की इसके बाद नकारात्मकता की वजह से वह अपने लक्ष्य से दूर हो जाता है  ”

या कोई दूसरा लक्ष्य  निर्धारित कर लेता है ::

वहीं A के साथ एक एक बंदा B भी उसी के समकक्ष तैयारी कर रहा था और 2015  में उसका  चयन नहीं होता है और उसके मन में भी ठीक वैसे ही विचार आते  है  जैसे A के मन में आये थे किन्तु सबसे महत्वपूर्ण बात जो में यह कहना चाहता हूँ वह है सोच   !!

यहाँ पर सबसे महत्वपूर्ण बात है B की सोच उसने सोचा “कि इतनी मेहनत  की है थोड़ी सही ” उसने अपने पिछले साल को विश्लेषित किया और और अपनी गलतियों की सूची बनायी और देखता है कि ऐसी कौन कौन से कारण थे जिससे वह रूक गया है |

अपनी भूतकाल की गलतियों से सबक लेकर वह दुगुने जोश और लगन से उसी लक्ष्य के लिए जुट जाता  सफल हो जाता है | देखिये एक और महत्वपूर्ण बात  सफलता  लिए जितनी मेहनत आवश्यक है  उतनी ही लगन,जोश,और निरंतरता भी  है  |


2014----------->>>2015------------->>2016
A----------->>>A-(Fails And Negative Thinking)------------->>A-
B----------->>>B+(Fails And Positive Thinking)------------->>B++
Start From HerePositive Thinking + Try Again =------------->>Success


फर्क साफ़ है हार से हार मान जाने से अच्छा है हार से सबक लो सीखो कि “हार” क्यों हुई ,हार स्वयं हार जाएगी एक दिन |

शायद अब आपको समझ  में आ गया होगा हार सोच से होती है , ना कि मेहनत से अगर A भी B की तरह सोचता तो आज वह भी सफल होता |

हमे भी अपने जीवन में B की तरह B+ रहना है,और आगे बढ़ते रहना है सफलता आपके कदमों में होगी  |  

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