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Thought Of The Day

Wishing You Happy Holi 2019 !!


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Today’s Blog Post is all about Thinking and personality .


” आपकी सोच और व्यक्तित्व


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Thought Of The Day :: 

जैसा कि ऊपर मैंने लिखा है कि ” आपकी दूसरे व्यक्ति के प्रति सोच आपके व्यक्तित्व का प्रतिविम्ब होती है.

Motivational Description ::

“कहने का अर्थ यह है कि वास्तव में हम जैसा सोचते है हमारा मस्तिष्क वैसे ही हमको बदलने लगताहै और हमे वही सब दिखाने लगता है जो  हम सोच रहे होते है |

वास्तव में देखा जाये तो हम जैसा अपने लिए सोचते है अगर हम वही दुसरो के लिए सोचने  लगते  है तो होता यह है की सकारात्मकता की शक्ति दोगुनी हो जाती है इस स्थिति में हमारे अंदर और बाहर सकारात्मकता का संचार होने लगता है,आइये अब इसे हम सामान्य गणितीय समीकरणों से समझते है |

Mathematically  Calculation —

गणित में जब समान  संख्याओं  के बीच योग कराया जाता है जिन मे से एक ऋण और एक धन होती है तो परिणाम उनका शून्य निकलता है|

कहने का अर्थ यह है की जब हम खुद के लिए अच्छा सोचते है ,और दूसरे के प्रति हमारी सोच बुरी होती है तो हमारी व्यक्तित्व का परिणामी विकास भी गणित की तरह शून्य होता है|

Think for change —

किन्तु अगर हम दुसरो के प्रति भी सकारात्मकता से सोचतेहै तो हमारा तन और मन दोनों आनंदित हो  जाते है,कभी कभी हमारे अंदर एक ऐसी सोच का जन्म हो जाता है ,जो की हमारे अंतर्मन को भ्रम में डाल  देती है “अपना काम बनता भाड़ में जाये जनता “ वाली सोच भी दो नाकारत्मक संख्याओं के के योग जैसी होती है|

जो की हमे इस भ्रम मे डाल  देती है की हम तो अपना काम कर  है, हमे दूसरों से से क्या लेकिन वास्तव में यह सोच ठीक वैसे  ही काम करती है जैसे गणित में 1और 0 का गुणन कराया जाता है तो परिणामी 0 ही निकलता  है |

यहां पर हमारे अंदर स्वार्थ की भावना ऋणात्मकता को जन्म दे देती है जो की हमे दूसरों के प्रति ऋणात्मक बना रही होती है|

हमे इन भ्रम जालो को तोड़कर स्वयं के लिए और दूसरों के लिए सकारत्मकता का संचार करना है, हम जैसा वातावरण अपने अंदर दूसरों के लिए बनायेंगे ठीक वैसा ही वातावरण दूसरों से हमारे लिए पाएंगे |

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